मुंबई.(देश दुनिया). टेलीविजन के मशहूर कार्यक्रम 'इंडियाज मोस्ट वांटेड' से चर्चित हुए सुहैब इलियासी की बतौर निर्देशक पहली फिल्म '498 ए-एक वेडिंग गिफ्ट' को लेकर इन दिनों खासी चर्चा है। उनका कहना है कि वह खुद दहेज विरोधी आईपीसी की धारा 498ए के दुरुपयोग के भुक्तभोगी हैं, लेकिन यह फिल्म उनकी निजी जिंदगी की कहानी पर आधारित नहीं है। इस फिल्म को लेकर लोगों के जेहन में यह बात है कि इसमें मेरी निजी जिंदगी की कहानी है। परंतु ऐसा नहीं है। मैं 498ए का भुक्तभोगी हूं। इससे मुझे यह फिल्म बनाने की प्रेरणा जरूर मिली। आईपीसी की यह धारा पति और ससुराल पक्ष की ओर से दी जाने वाली प्रताड़ना से जुड़ी हुई है। देश में इसके दुरुपयोग की बातें समय-समय पर सामने आती रही हैं। यह एक गैरजमानती धारा है।
एक समय टेलीविजन का चर्चित चेहरा बने इलियासी की पत्नी अंजू इलियासी ने वर्ष 2000 में दिल्ली के अपने मकान में कथित तौर पर खुदकुशी कर ली थी। इसी मामले में इलियासी को 498ए का सामना करना पड़ा। इलियासी कहते हैं, इस कानून के दुरुपयोग का भुक्तभोगी सिर्फ मैं नहीं हूं, बल्कि बहुत पुरुष इससे परेशान हुए हैं और हो रहे हैं। मेरे एक दोस्त ने बेंगलूरु में आत्महत्या कर ली। वह पत्नी के सताए जाने से परेशान था। ऐसे कुछ वाकयों को देखने के बाद मैंने यह फिल्म बनाने का फैसला किया। इलियासी ने कहा, इस कानून में सिर्फ एक पक्ष की बात है। सिर्फ पति ही पत्नी को नहीं सताता, बल्कि कई जगहों पर वह खुद जुल्म का शिकार होता है। ऐसे में इस कानून में संशोधन की जरूरत है। दहेज विरोधी (498ए) धारा में जरूरी संशोधनों पर विचार कर रही राज्यसभा की याचिकाओं से संबंधित एक समिति ने इलियासी को उनकी राय जानने के लिए बैठक में बुलाया था। इस बारे में इलियासी ने कहा कि मैंने राज्यसभा की इस समिति के समक्ष कहा कि यह कानून लिंग आधारित नहीं होना चाहिए। इसके दुरुपयोग को रोकने की व्यवस्था होनी चाहिए। देश में 498बी पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी यह फिल्म अक्टूबर में पूरी होगी और इसके बाद वह राज्यसभा की इस समिति को इसे दिखाएंगे। फिल्म के बारे में वह कहते हैं, मेरी फिल्म विवादास्पद नहीं है। इसमें एक अलग मुद्दे को उठाया गया है। वैसे मुझे अंदाजा था कि इस विषय पर विवाद खड़ा हो सकता है। इस फिल्म की शूटिंग पूरी हो गई है। गाने बाकी रह गए हैं। उम्मीद है कि पूरी फिल्म जल्द ही लोगों के सामने आ जाएगी।

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