निर्देशक ओनिर की जल्द आने वाली फिल्म "आई एम" कई मायनों में अलग नजर आती है। जैसा कि ओनिर कहते हैं, "यह अकेली ऎसी फिल्म है, जो सोशल नेटवर्किग साइट्स की मार्फत लोगों से मिले धन से बनाई गई है।" एक और वजह से भी यह फिल्म अनूठी बन पड़ी है। बॉलीवुड के चार प्रमुख निर्देशकों ने इस फिल्म में अभिनय किया है। इनमें दो- राहुल बोस और नंदिता दास एक्टर-डायरेक्टर हैं, जबकि दूसरे दो- अनुराग कश्यप और अनुराग बसु फिल्मकार हैं। फिल्म में चार कहानियां हैं- "आई एम आफिया" पुरूष से स्वतंत्र एक औरत की मां बनने की कहानी है। दूसरी कहानी "आई एम मेघा" में जूही चावला और मनीषा कोइराला हैं। "आई एम अभिमन्यु" बाल शोषण पर है और इसमें संजय सूरी हैं। जबकि "आई एम ओमर" हमें बताती है कि किस तरह धारा 377 का दुरूपयोग होता है और समलैंगिक पुरूष को अच्छा नहीं माना जाता। यह कहानी राहुल बोस और अर्जुन माथुर पर फिल्माई गई है। ओनिर बताते हैं कि फिल्म में निर्देशकों को कास्ट करने की कोई प्लानिंग नहीं थी, बल्कि यह इत्तफाकन हो गया। उन्होंने खुलासा किया, "फिल्म की कास्टिंग को लेकर मैंने फेसबुक पर लिखा था, जिसे अनुराग कश्यप ने पढ़ा। फिर अपने ही बच्चे का शोषण करने वाले पिता के रोल में कास्ट करने मुश्किल हुई, तो अनुराग ने मुझे फोन करके कहा कि वह न सिर्फ इस रोल को करेंगे, बल्कि विमान का टिकट और ठहरने का इंतजाम भी खुद करेंगे।" अनुराग बसु को कास्ट करना भी पहले से तय नहीं था। ओनिर बताते हैं, "यह बहुत ही मजेदार संयोग था, कुछ फिल्मी-सा। मैं एक कॉफी हाउस में जैसे ही घुसा, अनुराग ने मुझसे पूछा कि क्या मेरे पास कुछ पैसे हैं? उन्हें बिल के भुगतान के लिए जरूरत थी। वे अपना कैश और काड्र्स घर भूल आए थे। मैंने बिल का भुगतान कर दिया। बाद में जब वे मुझे लौटाने आए, तो मैंने फिल्मी स्टाइल में कहा, "इसे आप मेरी फिल्म के साइनिंग अमाउंट के रूप में रख लें।" वे तुरंत मान गए। वे "आई एम आफिया" में एक डॉक्टर के किरदार में हैं।

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