मुंबई.लंदन में रहने वाले भारतीय लक्ष्मी नारायण कपूर उर्फ एल.एन. कपूर (अनुपम खेर) और उनकी पत्नी रमा (स्मिता जयकर) अपने बेटे हरविंदर जिसे प्यार से वे हैप्पी (गोविंदा) कहते हैं, की बढ़ती उम्र से चिंतित हैं. हैप्पी 40 वर्ष का हो गया है और अब तक कुँआरा है. उसके दोस्त भी उसका मजाक बनाते हैं क्योंकि वह अब तक ‘वर्जिन’ भी है. कई बार उसे लड़कियों के जाल में फँसाने की कोशिश हैप्पी के दोस्तों ने की है, लेकिन वह हर बार बच निकलता है. हैप्पी का मानना है कि वह विवाह के बाद ही अपनी पत्नी के साथ संबंध बनाएगा.बेटे की शादी के लिए हैप्पी को लेकर कपूर साहब भारत आते हैं. हैप्पी भी अपनी शादी को लेकर बहुत रोमांचित है। मनाली में रहने वाले उसके चतुर मामा (संजय मिश्रा) अपने दोस्त की लड़की गौरी (युविका चौधरी) से उसकी शादी करा देते हैं. गौरी बड़ी ही नटखट और अल्हड़ है। शादी, रोमांस और सेक्स संबंधों को लेकर वह बिलकुल भी गंभीर नहीं है. इससे नॉटी हैप्पी की खुशियों पर फुलस्टाप लग जाता है. उसने शादी करने के बाद जो सपने देखे थे वो पूरे नहीं हो पाते. आखिरकार किस तरह उसकी लव लाइफ सही पटरी पर आती है. यह फिल्म में हल्के-फुल्के हास्य प्रसंगों के जरिये दिखाया गया है. इस फिल्म के निर्माता अनुज शर्मा और निर्देशक जगमोहन मुन्द्रा हैं.




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